वायरस से जंग आज सम्पूर्ण विश्व एक छोटे से वायरस यानी कि corova virus disease (Covid-19) से डरी हुई है, जबकि इस वायरस का आकार मानव के बाल कि तुलना में 900 गुना छोटा है। दिसंबर 2019 में चीन देश के वुहान शहर में नोवल कोरोना वायरस का पहला मामला सम्पूर्ण विश्व के सामने जानकारी में आया। डाक्टरों का मानना है कि इसके लक्षण सार्स से काफी मिलते जुलते है और ' नोवल कोरोना वायरस ' कोरोना वायरस परिवार का सातवां वायरस है अभी तक छ: तरह के कोरोना वायरस सामने आए हैं । इनकी संरचना 80 फ़ीसदी तक चमगादडों में पाए जाने वाले सार्स वायरस जैसी मिली है।इस वायरस ने सम्पूर्ण जगत में इस प्रकार तबाही मचाई की विश्व स्वास्थ्य संगठन(WHO) को महामारी (Pandemic) घोषित करना पडा। इस वायरस के संपर्क में आने से किसी व्यक्ति में उसके प्रतिरक्षा क्षमता (Imminity power) के अनुसार 14 दिनों के बाद तेज बुखार, कप और सूखी खांसी, शास लेने में समस्या, फ्लू कोल्ड में से लक्षण , डायरिया और उल्टी में से कोई भी दिख सकते है। उस व्यक्ति में प्रतिरक्षा क्षमता ज्यादा होने से 14 दिनों के बाद भी लक्षण दिखाई नहीं देते , किन्तु उस व्यक्ति के संपर्क में अन्य व्यक्तियों में यह वायरस फैलता है। किसी पदार्थ या धातु में यह वायरस 12 से 14 घंटे तक रहता है इसके बाद यह नष्ट हो जाता है लेकिन इस दौरान धातु के संपर्क में आने से किसी भी व्यक्ति के संक्रमित होने की संभावना बनी रहती है । इस वायरस के चपेट में बुजुर्गों (60 से ऊपर उम्र ) के ज्यादा आने की संभावना बताई जा रही है। इस वायरस से मानव जीवन को बचाने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन और सभी देशों की स्वास्थ्य संस्थाओं ने एक नियमावली जारी की जैसे हांथो को लगातार साबुन से धोना, अल्कोहल आधारित हैंड रब का इस्तेमाल करना, खांसते और छीकते समय नाक और मुंह को रुमाल या टिशू पेपर से ढंक कर रखें, जिन लोगों में फ्लू और कोल्ड के लक्षण हों उनसे दूरी बनाकर रखें इत्यादि। विशेषज्ञों द्वारा इस महामारी को फैलाने से रोकने में सामाजिक दूरी (Social distenting) की अहम भूमिका बताई जा रही है, इसीलिए सभी संक्रमित देश अपने राज्यों में लॉकडाउन किया है। सामने आर्थिक मंदी का बिकराल संकट होने के बावजूद विश्व के सभी देश 'जान है तो जहान है ' को परिलक्षित करनें में लगे हुए हैं। सभी देशों ने अपनी सीमाएं बंद कर दी हैं। सभी देशों में अंतरराष्ट्रीय उड़ान पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। ऎसा लगता है कि गांव , तहसील, जिला, राज्य और देश ठहर से गए हैं। इस महामारी के तीन माह से ज्यादा समय हो जाने के बाद भी विश्व के महान डॉक्टरों का यही कहना है कि ' बचाव ही एक मात्र रास्ता है। ' इसीलिए हम सभी को शासन के निर्देशों का पालन करते हुए संकल्प और संयम के साथ इस भयावह वायरस से जंग जारी रखनी है। कवि मैथिलीशरण गुप्त ने कहा है कि आशा से आकाश थमा है………इसलिए हम सभी को आशा करनी चाहिए कि मानव जाति एक दिन इस महामारी (covid-19) के साथ जंग में विजय प्राप्त करेगी। डॉ. जय प्रकाश पटेल सहायक प्राध्यापक, विषय-गणित, मध्यांचल प्रोफेसनल विश्वविद्यालय, भोपाल (म.प्र.)


Comments

  1. This is more important for me and everyone .As sir say we know that this pendemic is very dangerous so please 'stay home and safe our life' . In tha last line I would like to please support our doctors, nurses, defence staff and our government these are warrior.
    Thanks
    Thank you so much sir.

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  3. What we are facing now is a unique situation, in our generation we have never faced this. We salute you as a health care worker, doctor, nurse, and many other employees. because you are risking yourself as well as your family. When a person deliberately risks his life for the good of another, he is worthy of worship.
    thanks and God bless you

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