Immune system
आज सम्पूर्ण जगत कोरोना वायरस से ग्रसित है और इसका अभी तक कोई सटीक दवा नहीं बन पाई है केवल बचाव ही एक मात्र उपाय है। सरकार और डॉक्टरों की ओर से यही कहा जा रहा है कि घर में ही रहें, सामाजिक दूरी बनाए रखें , अपने हांथों को लगातार साबुन या अल्कोहलिक द्रव से धोते रहें, हांथ से अपने आंख नाक कान को स्पर्श करने से बचें और सबसे महत्वपूर्ण अपने शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाए / बनाने का हर संभव प्रयास करें।
आइए जानने का प्रयास करते हैं कि रोग प्रतिरोधक तंत्र (Immune system) क्या है ? , किस प्रकार कार्य करता है, किन कारणों से कमजोर (weeks) होता है और किन - किन उपायों से मजबूत (strong) होता है।
जैसा कि हमारा शरीर विभिन्न प्रकार की कोशिकाओं (cells) , ऊतकों (tissues) और अंगों (organs) से बना है उसी प्रकार रोग प्रतिरोधक तंत्र (immune system) हमारे शरीर के कोशिकाओं (cells), ऊतकों (tissues)और अंगों (organs) का एक सम्मिश्र जाल (complex Network) है जो सामूहिक रूप से कीटाणुओं और रोगाणुओं से शरीर की सुरक्षा करता है अर्थात् रोग प्रतिरोधक तंत्र (immune system) का सीधा संबंध हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (immunity power) से है जो शरीर को एक ऐसा सुरक्षा कवच प्रदान करती है जिससे शरीर जल्दी किसी साधारण बीमारी से पीड़ित नहीं होता और कारण - अकारण ग्रसित हो जाता है तो उसके निजात में अति शीघ्र सफल भी हो जाता है।
यदि रोग प्रतिरोधक तंत्र (immune system) कमजोर (week) है तो व्यक्ति के रोगों (वायरस , बैक्टीरिया या कई बड़े रोगों) के संक्रमण की चपेट में आने की संभावना बढ़ जाती है और व्यक्ति को घबराहट, बेचैनी, पेट खराब रहने, सर्दी - जुकाम से पीड़ित होने और जल्दी थकान का अनुभव ...आदि समस्याएं होने लगती हैं।
हम निम्न उपायों के द्वारा रोग प्रतिरोधक तंत्र को () मजबूत () बना सकते हैं: -
1. जल (water) का पर्याप्त सेवन करके:- प्रचुर मात्रा में शुद्ध पानी पीने से शरीर में जमा कई तरह के विषैले तत्व बाहर निकाल जाते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। डॉक्टरों का कहना है कि पानी या तो सामान्य तापमान पर हो या हल्का कुनकुना पीना चाहिए और फ्रिज के पानी का सेवन न के बराबर करने का प्रयास करना चाहिए।
2. अंकुरित अनाज का सेवन करके:- अनाज को अंकुरित करने से उसमें पोषक तत्वों की क्षमता बढ़ जाती है और पचाने में आसान, पौष्टिक और स्वादिष्ट होते हैं। मुख्य रूप से मूंग, मोठ,चना और भीगी हुई दालों के उपयोग से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
3. सलाद के सेवन से :-भोजन को सुपाच्य बनाने के लिए सलाद का सेवन जरूरी होता है । सलाद में ककड़ी,टमाटर, मूली, गाजर, पत्ता गोभी, प्याज ,चुकंदर ..आदि को शामिल करके रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया का सकता है।
4. मौसमी फलों के सेवन से:- ऋतु अनुसार फलों का सेवन जरूर करना चाहिए। फलों में आम, अमरूद, संतरा, अंगूर, तरबूज- खरबूज, जामुन, पपीता, सेव, अनार, मौसम्मी, नाशपाती, केला, लीची, सिंघाड़ा, बेर, इमली .. आदि का सेवन करके रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सकता है।
5. चोकर सहित अनाज के सेवन से:- गेंहू , ज्वार , बाजरा और मक्का जैसे अनाज का सेवन चोकर सहित करने से कब्ज नहीं होती और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी चुस्त - दुरुस्त रहती है।
6. मौसमी सब्जियों के साथ नियमित रूप से नीबू, अदरक, लहसुन, प्याज,आंवला, लौंग, इलायची, दालचीनी, काली मिर्च, हल्दी, जीरा, सौंफ और अजवाइन का सेवन करके रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सकता है।
7. ठहाके लगा करके(हसना जरूरी है):- हंसने से हमारे शरीर में रक्त का संचार सुचारू रूप से होता है और शरीर आक्सीजन अधिक मात्रा में ग्रहण करता है।तनाव से मुक्त होकर हंसने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
8. योग व प्राणायाम करके:- योग और प्राणायाम शरीर को स्वस्थ, सुंदर, आकर्षक और रोगमुक्त रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि किसी जानकार से इन्हें सीखकर इ
प्रतिदिन घर में इनका अभ्यास किया जाए तो Immune system मजबूत होता है।
9. तुलसी के नियमित सेवन से:- हमारे देश में तुलसी का धार्मिक महत्व अपनी जगह है लेकिन इसके साथ ही यह एंटीबायोटिक, दर्द निवारक और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी फायदेमंद है। यदि संभव हो तो रोज सुबह तुलसी के तीन - चार पत्तों का सेवन करके रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सकता है।
10. विभिन्न प्रकार के सूखे फलों (dry fruits) ( बादाम, किशमिश, मुनक्का, मखाना, अंजीर, अखरोट, छोहारा (खारक), चार की चिरौजी) और विभिन्न प्रकार की आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों के सेवन से भी रोग प्रतिरोधक क्षमता
को बढ़ाया जा सकता है।
11. सफाई का विशेष ध्यान से:- हमें रोगाणुओं के आक्रमण या उसके संक्रमण से बचाव के लिए शरीर की अंदरूनी सफाई के साथ - साथ बाहर की सफाई और आस - पास की सफाई ( कपड़ों की, घर की) करना चाहिए/ का ध्यान रखना चाहिए।
विशेष रूप से बाहर से घर लौटने पर जूते - चप्पल निकालना, हाथ - पाव , चेहरा को अच्छे से साफ करके या स्नान करके अन्य व्यक्तियों से मिलना / कार्य में शामिल हो करके रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं।
12. अपनी सोच (thinking) को धनात्मक (positive) रख करके भी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सकता है।
13. निम्न कार्यों को न करके :- धूम्रपान, किसी प्रकार का नशा, जंक फ़ूड, फ्रोजेन, बंद डिब्बों के भोजन का नियमित सेवन, गंदा रहन- सहन , नकारात्मक सोच , अनावश्यक चिंता, अनियमित खान - पान और गलत दिनचर्या से दूर रह करके भी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत किया जा सकता है।
14. पर्याप्त नींद से:- डॉक्टरों का कहना है कि नींद से भी रोग प्रतिरोधक तंत्र मजबूत बनता है। वर्तमान समय के भागम - भाग दौड़ में यदि 7-8 घंटे की नींद ली जाए तो हमारे शरीर को आराम(relax) और अंदरूनी मरम्मत (repairing) का मौका मिलता है ,इससे रोग प्रतिरोधक तंत्र मजबूत होता है।
15. आज के परिवेश में कुछ लोग शाकाहारी के साथ- साथ सर्वाहारी भी हो सकते हैं, इसलिए meat/ chicken को अच्छी तरह से पका कर सेवन करने से भी रोग प्रतिरोधक तंत्र को मजबूत किया जा सकता है।
डॉ. जय प्रकाश पटेल
मध्यांचल प्रोफेसनल विश्वविद्यालय,
भोपाल, मध्य प्रदेश।
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